हरियाणा में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन

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भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन

पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली के बाद अब हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी तथा शिरोमणि अकाली दल (बादल) मिलकर चुनाव लड़ेंगे। इनेलो से राजनीतिक रिश्ते खत्म होने के बाद यह पहला मौका है,  इस बार भाजपा हाईकमान ने हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को पंजाब व चंडीगढ़ का प्रभारी बनाकर भेज रखा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री तथा अकाली दल के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल तथा पूर्व उप मुख्यमंत्री व शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के संपर्क में थे। जब अकाली दल ने हरियाणा में भाजपा का बिना शर्त समर्थन करने का निर्णय लिया है।

हरियाणा में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, शिरोमणि अकाली दल (बादल) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा राज्यसभा सदस्य बलविंद्र सिंह भूंदड, अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष शरणजीत सिंह सोंटा तथा एकमात्र विधायक बलकौर सिंह के साथ हुई बातचीत में दोनों दलों के बीच आपसी सहयोग की सहमति बनी है। भाजपा पंजाब में अकाली दल (बादल) की सहयोगी पार्टी है तथा वहां सत्ता में भागीदार भी रह चुकी है। पिछले चुनाव में भी दोनों दलों के बीच हरियाणा में गठबंधन की कोशिश हुई थी, मगर बात नहीं बन पाई थी।

भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बलविंद्र सिंह ने कहा कि शिअद के सर्वेसर्वा सरदार प्रकाश सिंह बादल और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तथा पूर्व मुख्यमंत्री सरदार सुखबीर सिंह बादल की मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ बैठक हो चुकी थी। लोकसभा चुनाव के दौरान अकाली दल भाजपा उम्मीदवारों को जिताने के लिए काम करेगी और विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों दलों के नेता आपस मे बैठकर सीटों को तय करेंगे।

पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली के बाद अब हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी तथा शिरोमणि अकाली दल (बादल) मिलकर चुनाव लड़ेंगे।

रही सही कसर कैप्टन अभिमन्यु ने पूरी कर दी। सीएम मनोहरलाल और कैप्टन अभिमन्‍यु दोनों दलों के दिल मिलाने में कामयाब रहे।भाजपा राज्य की आठ लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। दो सीटों पर उम्मीदवार किसी भी समय घोषित हो सकते हैं। शिरोमणि अकाली दल (बादल) लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों के लिए खुलकर काम करेगा, जबकि अगला विधानसभा चुनाव दोनों दल मिलकर लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे पर अलग से बातचीत होगी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी चाहते थे कि जब पंजाब, दिल्ली और उत्तराखंड में दोनों दलों के बीच अच्छी राजनीतिक समझदारी है तो इसे हरियाणा में भी अमल में लाया जाना चाहिए।

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